Sanatan Gyan
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडरहमारे बारे में
Englishगीता ज्ञान
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडरहमारे बारे में
← त्योहारों पर लौटें← कैलेंडर पर लौटें
मौनी अमावस्या
शिशिर ऋतु · 18 जनवरी 2026

मौनी अमावस्या

मौन्यामावस्या · मौन और स्नान का दिन

पर्व विवरण
इस वर्ष की तिथि

18 जनवरी 2026

कब

पौष अमावस्या · मौनी अमावस्या

अवधि

१ दिन

आराध्य देव
विष्णु
परिचय

ॐ नमो नारायणाय

मौनी अमावस्या सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है जिसमें मौन की स्मृति और साधना केंद्र में रहती है। भक्त इस दिन व्रत, पूजा और दान से जीवन को शुद्ध करते हैं।


उत्पत्ति

शास्त्र और लोक दोनों में मौनी अमावस्या की जड़ें गहरी हैं। तिथि, कथा और कुंभ की परंपराएँ मिलकर इस पर्व को अर्थ देती हैं।

क्यों मनाया जाता है

यह पर्व इसलिए मनाया जाता है कि मौन हमें कर्तव्य, भक्ति और संतुलन सिखाता है। परिवार और समाज एक साथ श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

कथा

पुराण-कथाओं में मौनी अमावस्या से जुड़ी कथाएँ मौन के माध्यम से धर्म की रक्षा और भक्त की रक्षा का संदेश देती हैं।

कहानियाँ और प्रसंग

कुंभ और अन्य क्षेत्रों में मौनी अमावस्या की लोककथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती हैं, जिससे पर्व जीवित रहता है।

विधि एवं परंपरा

स्नान-पूजन, मंत्र जप, व्रत या फलाहार, दीपदान, और मौन से जुड़े पारंपरिक प्रसाद।

कहाँ मनाया जाता है

मुख्य रूप से कुंभ; देश के अन्य भागों और प्रवासी समाज में भी श्रद्धा से मनाया जाता है।

← पिछला पर्व
कन्नी पोंगल
अगला पर्व →
बसंत उत्सव
Sanatan Gyan

गीता, देवता और पर्व — सरल भाषा में, घर में पढ़े जाने लायक।

पढ़ें
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडर
स्थल
हमारे बारे मेंनिजता नीतिनियमसंपर्क
© 2026 Sanatan Gyanज्ञान बाँटने से बढ़ता है।