Sanatan Gyan
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडरहमारे बारे में
Englishगीता ज्ञान
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडरहमारे बारे में
← त्योहारों पर लौटें← कैलेंडर पर लौटें
उत्पन्ना एकादशी
शिशिर ऋतु · 4 दिसंबर 2026

उत्पन्ना एकादशी

उत्पन्नाएकादशी · एकादशी की उत्पत्ति कथा

पर्व विवरण
इस वर्ष की तिथि

4 दिसंबर 2026

कब

मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी

अवधि

१ दिन

आराध्य देव
विष्णु
परिचय

ॐ नमो नारायणाय

उत्पन्ना एकादशी सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है जिसमें उत्पत्ति की स्मृति और साधना केंद्र में रहती है। भक्त इस दिन व्रत, पूजा और दान से जीवन को शुद्ध करते हैं।


उत्पत्ति

शास्त्र और लोक दोनों में उत्पन्ना एकादशी की जड़ें गहरी हैं। तिथि, कथा और एकादशी देवी की परंपराएँ मिलकर इस पर्व को अर्थ देती हैं।

क्यों मनाया जाता है

यह पर्व इसलिए मनाया जाता है कि उत्पत्ति हमें कर्तव्य, भक्ति और संतुलन सिखाता है। परिवार और समाज एक साथ श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

कथा

पुराण-कथाओं में उत्पन्ना एकादशी से जुड़ी कथाएँ उत्पत्ति के माध्यम से धर्म की रक्षा और भक्त की रक्षा का संदेश देती हैं।

कहानियाँ और प्रसंग

एकादशी देवी और अन्य क्षेत्रों में उत्पन्ना एकादशी की लोककथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती हैं, जिससे पर्व जीवित रहता है।

विधि एवं परंपरा

स्नान-पूजन, मंत्र जप, व्रत या फलाहार, दीपदान, और उत्पत्ति से जुड़े पारंपरिक प्रसाद।

कहाँ मनाया जाता है

मुख्य रूप से एकादशी देवी; देश के अन्य भागों और प्रवासी समाज में भी श्रद्धा से मनाया जाता है।

← पिछला पर्व
कालभैरव जयंती
अगला पर्व →
सीता विवाह उत्सव
Sanatan Gyan

गीता, देवता और पर्व — सरल भाषा में, घर में पढ़े जाने लायक।

पढ़ें
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडर
स्थल
हमारे बारे मेंनिजता नीतिनियमसंपर्क
© 2026 Sanatan Gyanज्ञान बाँटने से बढ़ता है।