Sanatan Gyan
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडरहमारे बारे में
Englishगीता ज्ञान
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडरहमारे बारे में
← त्योहारों पर लौटें← कैलेंडर पर लौटें
वरलक्ष्मी व्रत
वर्षा ऋतु · 21 अगस्त 2026

वरलक्ष्मी व्रत

वरलक्ष्मीव्रतम् · वरदायिनी लक्ष्मी का व्रत

पर्व विवरण
इस वर्ष की तिथि

21 अगस्त 2026

कब

श्रावण शुक्ल शुक्रवार · वरलक्ष्मी व्रत

अवधि

१ दिन

आराध्य देव
लक्ष्मी
परिचय

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

वरलक्ष्मी व्रत सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है जिसमें लक्ष्मी की स्मृति और साधना केंद्र में रहती है। भक्त इस दिन व्रत, पूजा और दान से जीवन को शुद्ध करते हैं।


उत्पत्ति

शास्त्र और लोक दोनों में वरलक्ष्मी व्रत की जड़ें गहरी हैं। तिथि, कथा और कलश की परंपराएँ मिलकर इस पर्व को अर्थ देती हैं।

क्यों मनाया जाता है

यह पर्व इसलिए मनाया जाता है कि लक्ष्मी हमें कर्तव्य, भक्ति और संतुलन सिखाता है। परिवार और समाज एक साथ श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

कथा

पुराण-कथाओं में वरलक्ष्मी व्रत से जुड़ी कथाएँ लक्ष्मी के माध्यम से धर्म की रक्षा और भक्त की रक्षा का संदेश देती हैं।

कहानियाँ और प्रसंग

कलश और अन्य क्षेत्रों में वरलक्ष्मी व्रत की लोककथाएँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती हैं, जिससे पर्व जीवित रहता है।

विधि एवं परंपरा

स्नान-पूजन, मंत्र जप, व्रत या फलाहार, दीपदान, और लक्ष्मी से जुड़े पारंपरिक प्रसाद।

कहाँ मनाया जाता है

मुख्य रूप से कलश; देश के अन्य भागों और प्रवासी समाज में भी श्रद्धा से मनाया जाता है।

← पिछला पर्व
नाग पंचमी
अगला पर्व →
श्रावण पुत्रदा एकादशी
Sanatan Gyan

गीता, देवता और पर्व — सरल भाषा में, घर में पढ़े जाने लायक।

पढ़ें
गीता ज्ञानदेवतात्योहारकैलेंडर
स्थल
हमारे बारे मेंनिजता नीतिनियमसंपर्क
© 2026 Sanatan Gyanज्ञान बाँटने से बढ़ता है।